कोई रोको ना दीवाने को
मन मचल रहा कुछ गाने को
कोई रोको ना दीवाने को
मन मचल रहा कुछ गाने को
कोई रोको ना...

ये भीगा-भीगा मौसम, ये भीगी-भीगी राहें
चले दो हम राही बाँहों में डाले बाँहें
तो फूलों ने खिलके कहा ये दिल से
"है दिन सुहाना, मौसम सलोना
दामन से बाँध लो प्यारा समाँ"

कोई रोको ना दीवाने को
Hey, मन मचल रहा कुछ गाने को
कोई रोको ना...

उमर के सफ़र में जिसे जो यहाँ भाए
उसी के सपनों में ये मन रंग जाए
तो रंगों में प्रीत के रंगे रंगीला
गा ले तराना जो ये रसीला
अलबेला गीत वो भूले कहाँ?

कोई रोको ना दीवाने को
Hey, मन मचल रहा कुछ गाने को
कोई रोको ना दीवाने को
मन मचल रहा कुछ गाने को
कोई रोको ना...

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